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12 सितंबर से दौड़ेंगी 80 नई स्पेशल ट्रेनें, 10 से शुरू होंगे आरक्षण

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12 सितंबर से 80 नई स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है।

इसके लिए 10 सितंबर से रिजर्वेशन शुरू होंगे।

उत्तर रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार के मुताबिक, रेलवे में आज भी ट्रेनों में लंबी प्रतिक्षा सूची चल रही है, जिस पर रेलवे बोर्ड नजर रखे हुए है।

सीपीआरओ के मुताबिक, जिस किसी भी ट्रेन में प्रतिक्षा सूची अपनी लिमिट क्रास कर जाएगी,

तब एक और ट्रेन उसी नाम से चलाई जाएगी, जिसे क्लोन ट्रेन नाम दिया जाएगा।

ये क्लोन ट्रेन, वास्तविक के बाद चलाई जाएगी, ताकि ज्यादातर यात्रियों को जगह मिल सके।

इस क्लोन ट्रेन के स्टॉपेज वास्तविक ट्रेन की अपेक्षा कुछ कम भी हो सकते हैं।

रेलवे की इस क्लोन ट्रेन योजना का लाभ दिल्ली-मुंबई रूट पर जल्द मिल सकता है।

कारण, इस रूट पर रेलवे बोर्ड की प्राथमिकता प्रतिक्षा सूची जीरो कर देने की है।

अभी देश में 230 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

29 अगस्त को अनलॉक-4 की गाइडलाइन जारी होने के तीन दिन बाद भारतीय रेलवे ने कहा था कि रेलवे आने वाले दिनों में 100 और ट्रेनें चलाने की योजना पर काम कर रहा है।

यहां बता दें कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते रेलवे ने 25 मार्च से ही सभी पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सर्विस को रद्द कर दिया था।

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क्लोन ट्रेन को उदाहरण के तौर पर समझें तो बिहार से दिल्ली आने संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में अगर ज्यादा वेटिंग लिस्ट होती है

तो रेलवे उसके प्रस्थान करने के एक घंटे या कुछ देर बाद उसी नंबर की एक और ट्रेन दिल्ली के लिए चलाएगा,

जिसमें बिहार संपर्क क्रांति के वेटिंग लिस्ट टिकट वाले यात्रियों को यात्रा का मौका मिलेगा।

ये ट्रेन बिलकुल बिहार संपर्क क्रांति के नंबर की होगी और उसी प्लेटफॉर्म व रूट से दिल्ली भी पहुंचेगी।

ऐसे में लोगों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

क्लोन ट्रेनें ज्यादा डिमांड वाले रूट पर वेटिंग लिस्ट के आधार पर चलाई जाएंगी।

भारतीय रेलवे ने क्लोन ट्रेन की योजना पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु के समय बनाई थी।

इसका उद्देश्य लंबी वेटिंग लिस्ट वाली ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट क्लोन ट्रेन चलाकर खत्म करना था,

लेकिन बाद में ये योजना ठंडी पड़ गई।

इसकी जगह यात्रियों को विकल्प योजना दी गई।

विकल्प का मतलब है टिकट बुकिंग के दौरान यदि ज्यादा वेटिंग लिस्ट दिखती है, तो यात्रियों को विकल्प दिखाए जाएंगे।

इसमें यात्री विकल्प चुनकर यात्रा के दिन को बदलकर किसी दूसरे रूट की ट्रेन लेकर भी यात्रा कर सकता है।

हालांकि यह योजना भी फेल ही रही।

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रेलवे बोर्ड के दावों के अनुसार, दिल्ली से मुंबई रूट पर इस योजना को शुरू किया जाएगा।

रेलवे ने इस रूट पर जीरो वेटिंग लिस्ट का लक्ष्य रखा हुआ है।

गौरतलब है कि राजधानी एक्सप्रेस में अमूमन काफी भीड़ रहती है।

बड़ी संख्या में लोगों का टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता है।

ऐसे में वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को क्लोन ट्रेन में कन्फर्म बर्थ मिलेगी।

रेलवे जल्द ही निजी ट्रेनें चलाने की भी शुरुआत कर रही है।

इन ट्रेनों में फ्लाइट की तरह डिमांड के आधार पर टिकट की दरें बढ़ती हैं।

जैसे मुंबई-अहमदाबाद रूट पर चलने वाली तेजस एक्सप्रेस में एक ही टिकट 1800 से 5000 रुपये तक मिलता है।

इस स्थिति में कहा जा सकता है कि जरूरतमंद व्यक्ति महंगी ही सही, लेकिन टिकट खरीदकर सीट बुक करा सकता है।

हालांकि, क्लोन ट्रेनें सामान्य ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट बढ़ने पर चलेंगी, लेकिन ऐसे यात्रियों को निजी ट्रेनों का विकल्प भी दिया जाएगा।

 

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, ‘रेलवे एक लाख 40 हजार 640 पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित कर रहा है।

ये कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा। रेलवे ये परीक्षाएं 15 दिसंबर से कराएगा।

इसके लिए 2 करोड़ 42 लाख आवेदन मिले हैं।

इनकी स्क्रूटनी कर ली गई है।

शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा।’